श्री सदगुरु आरती
आरति श्रीसदगुरु की कीजै /
दर्शन लाभ ब्रह्म का लीजै //
गुरु ही सत का पंथ दिखाये /
हियमें ज्ञान की ज्योति जलाये /
गुरु अमृतवाणी रस लीजै //१//
श्रद्धा भक्ति भाव कर अर्पण /
कर तन मन धन उन्हें समर्पण /
ध्यानयोग की शिक्षा लीजै //२//
प्रथम पूजिये नित गुरु देवा /
कर पद वंदन कीजै सेवा //
ॐ जाप का व्रत मन लीजै //३//
गुरू भक्ति में जो रम जाये /
गुरु में दरश ब्रह्म का पाये //
कृपा प्राप्त गुरु की कर लीजै //४//
गुरु ब्रह्मा , विष्णु , त्रिपुरारी /
पूर्ण कामना करहिं तुम्हारी //
''मधुकर''जन्म सफल कर लीजै //५/
आरति श्री सदगुरु की कीजै /
निर्गुण ब्रह्म परम सुख लीजै //
-डॉ.पं उदयभानु तिवारी ''मधुकर''
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