श्रीकृष्ण स्तुति
सवैया
मात पिता अरु ,बन्धु तुम्हीं,तुमही गुरुदेव सुमीत हमारे /
श्रेष्ठ तुम्हीँ सब देवन में, सर्वज्ञ हे देवकी नन्दन प्यारे //
तारनहार तुम्हीं सबके , श्रीकृष्ण सुदर्शनचक्र सम्हारे /
आन बसो हिय में विकसैं ,सब पंकज भाव प्रकाश तुम्हारे //
श्रेष्ठ तुम्हीँ सब देवन में, सर्वज्ञ हे देवकी नन्दन प्यारे //
तारनहार तुम्हीं सबके , श्रीकृष्ण सुदर्शनचक्र सम्हारे /
आन बसो हिय में विकसैं ,सब पंकज भाव प्रकाश तुम्हारे //
दोहा
अटल नीति दृढ़ प्रीति की , मूर्ति द्धारकाधीश /
करहुँ तुम्हें शत शत नमन, विश्वदीप्ति सुर ईश //
विद्या या बुद्धि विवेक तुम , तुम्हीं द्रविण करतार /
जय जय जय हे जगतपति , कीजै भव से पार //
जय जय जय हे जगतपति , कीजै भव से पार //
पं० उदयभानु तिवारी "मधुकर"
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