अनुक्रमणिका
विषय पृष्ठ संख्या
१.गीता सुगीता कर्तव्या
२.प्रथम संस्करण में दिये पूज्य मनीषी सन्तों के आशीर्वचन
३.भाव भूमि
४.श्री विष्णु स्तवन
५.प्रेरणा
६.गुरुवन्दना
७.योगेश्वर वन्दना
८.मंगलाचरण
९ .विषय प्रणयन
१०.यथा अर्थ विवेचन
११.जीवन ही महाभारत
१२.गीता माहत्म्य
१३.प्रार्थना
१४.श्रीकृष्ण स्तुति
१५.आवाहन
१६.प्रथम अध्याय ( संशय-विषादयोग )
१७.द्वितीय अध्याय ( कर्म जिज्ञासा )
१८.तृतीय अध्याय ( शत्रु विनाश प्रेरणा )
१९.चतुर्थ अध्याय ( यज्ञ कर्म स्पष्टीकरण )
२०.पंचम अध्याय ( यज्ञभोक्ता महापुरुषस्थ महेश्वर )
२१.षष्ठम अध्याय ( अभ्यास योग )
२२.सप्तम अध्याय ( समग्र जानकारी )
२३.अष्टम अध्याय ( अक्षरब्रह्म योग )
२४.नवम अध्याय ( राजविद्या जागृति )
२५.दशम अध्याय ( विभूति वर्णन )
२६.एकादश अध्याय ( विश्वरूप दर्शन )
२७.द्वादस अध्याय ( भक्तियोग )
२८.त्रयोदश अध्याय ( क्षेत्र-क्षत्रज्ञविभाग योग )
२९.चतुर्दश अध्याय ( गुणत्रय विभाग योग )
३०.पञ्च दशअध्याय ( पुरुषोत्तम योग )
३१.षोडश अध्याय ( देवासुर सम्पद् विभाग योग )
३२.सप्तदश अध्याय ( ॐ तत्सत् तथा श्रद्धात्रय विभाग योग )
३३.अष्टदश अध्याय ( संन्यास योग )
३४.आरती गीता मानस
३५.आरती सदगुरु
३६. शब्द संकेत
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